मैं अज्ञात से ज्ञात का साधन !


मैं क्या हूँ मैं न जानू, पर मैं हवा सा बहता हूँ
मैं उन्मुक्त पंछी बन, दूर आसमाँ  को छूता हूँ,
मैं विचार प्रवाह हूँ या दूर दिखती राह हूँ,
मैं अज्ञात से ज्ञात का साधन, चाह मुझे राह की नहीं
चाहता मैं मंजिल को , मैं दूर पर पास की चाह हूँ मैं,
जितना भी मैं कहूँ, पर अज्ञात हूँ अपने सच के संज्ञान से,
मैं हवाओ में बहूँ, मैं जल की राह चलता चलू,
राह की परवाह नहीं, पर मंजिल की आस है,
जितना भी मैं चलू, पर दूरियां अब भी हैं,
मैं उडू और उड़ता चलू, पर पर  जलने की परवाह किसे ,
मंजिल की चाह जाती नहीं, और रस्ते मेरे मुझे थकाते नहीं,
कब चला था याद मुझको आता नहीं, बस एक धून है एक मंजिल मेरी,
जब मिलेगी मुझको तो, वो आखिरी पड़ाव का अहसास  कैसा होगा ,
उस दिन उस राह पर, क्या मेरा स्वयं से संज्ञान होगा,
जाने न जाने मैं सोचता हूँ हरदम, वो आखिरी पथ कैसा होगा,
पथ की परवाह मैं करता नहीं, पर आखिरी बार वो चलना कैसा होगा,
जितना भी चलू मैं, पर क्या चलते चलते कही मेरा मुझसे संज्ञान होगा,
मैं क्यों और कब से ये सोचता, इसका मुझे ज्ञात नहीं,
पर मैं चिंतन करता रहता हूँ, की क्या मुझे कभी स्वयं का अहसास होगा,
मैं क्या हूँ मैं न जानू, पर मैं अपनी मंजिल का राही हूँ,
मैं उन्मुक्त पंछी,  नील गगन सा मेरा लक्ष्य,
मैं बदली से डरता नहीं, बरस वो सब धुल मिटा लक्ष्य साफ़ कर जाती है,
चमकते बादलो से दर नहीं मुझे, मैं धीरज से चलता हूँ,
जब कभी लक्ष्य ओझल सा लगे, जब कभी भटका रही मैं लगूँ,
तब जब मैं हतोत्साहित सा लगूँ, एक गहरी सांस और एक गहन चिंतन,
एक नए जोश और, सीख गलतियों से मैं,
फिर चलू मैं एक नए उत्साह से, उड़ चलू मैं फिर बिन जलते पंखो की परवाह से,
एक बार भी यदि मैं कहू, की मैं कौन हूँ,
मैं कहूँ की मैं विचार प्रवाह हूँ, मै अज्ञात से ज्ञात का साधन,
मैं अपनी मंजिल का राही, मैं एक परिंदा उस गगन का,
उस गगन का जिसमे सबकुछ ज्ञात है, जो परम ज्ञान और सदैव संज्ञान है,
मै विचार प्रवाह हूँ, मैं अज्ञात से ज्ञात का साधन
~ सुनील कुमार गुप्ता

Advertisements

2 thoughts on “मैं अज्ञात से ज्ञात का साधन !

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s